उद्देश्य

  • उपचार हेतु रोगी को अपनी क्षमताओं से परिचित करवाकर स्वयं द्वारा स्वयं का उपचार करने हेतु प्रोत्साहित करना।
  • उपचार हेतु विविध चिकित्सा पद्धतियों का समन्वय कर सहयोग लेना।
  • दवाइयों के द्वारा उपचार से होने वाले दुष्प्रभावों की उपेक्षा के प्रति रोगी को सचेत करना।
  • अच्छी चिकित्सा पद्धति के मापदण्डों से जनसाधारण को परिचित कराना।
  • उपचार के नाम पर होने वाले अनावश्यक परिक्षणों के प्रति रोगी को सजग करना।
  • चिकित्सा के नाम पर अनावश्यक प्रत्यक्ष-परोक्ष हिंसा से जनसाधारण को बचाना।
  • सहज, सरल, सस्ती, प्रकृति के सनातन सिद्धान्तों पर आधारित पूर्णतः वैज्ञानिक, तर्क संगत, पूर्णतः अहिंसक, प्रभावशाली, स्वावलम्बी चिकित्सा पद्धतियों से जनसाधारण को परिचित कराना।
  • स्वावलम्बी चिकित्सा पद्धतियों के प्रति प्रजा में फैली भ्रान्त धारणाओं को दूर करना।
  • स्वयं को स्वयं की क्षमताओं से परिचित करवा, स्वयं को स्वयं का चिकित्सक बनाने में सहयोग करना।
  • अहिंसात्मक चिकित्सा पद्धतियों का प्रचार-प्रसार करना एवं मानव मात्र को रोग मुक्त, तनावमुक्त एवं अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वावलम्बी बनाना ।
  • अहिंसक चिकित्सा पद्धतियों के लिए सेवा भावी चिकित्सक तैयार करने में सहयोग देना।
  • व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक अर्थात् समग्र रूप से स्वस्थ बनाने में सहयोग करना।
  • सही निदान में उपेक्षित तथ्यों से जनसाधारण को अवगत कराना।
  • वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति भ्रान्त धारणाओं को दूर करना।
  • उपचार करते समय, पूर्ण शरीर, मन एवं आत्मा का सम्यक् रूप से चिन्तन करना।